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अमित शाह बोले, ‘कार्यकर्ता तीन राज्यों के चुनाव परिणामों से मनोबल न गिराएं’

Last Updated On : 12 Jan 2019

भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि उन्हें कुछ राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों आए प्रतिकूल परिणामों के कार अपना मनोबल गिराने की जरूरत नहीं है। विरोधी जीते जरूर हैं, किंतु भाजपा भी हारी नहीं है। वह भाजपा की राष्ट्रीय परिषद के अधिवेशन के दूसरे दिन कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे।

'भाजपा ने जमीन नहीं खोई'

अमित शाह ने कहा कि- भाजपा ने इन राज्यों में अपनी जमीन नहीं खोई है, जबकि इसके उलट उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल में कांग्रेस की कोई जमीन नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि 2019 एक मौका है, जब एक मजबूत सरकार बनाने की नींव डाल सकते हैं।

उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि देश की सुरक्षा, विकास और गौरव के लिए 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा का जीतना बेहद जरूरी है। इसके लिए चाहे जितने दल एकजुट हो जाएं, भाजपा जीत दर्ज कराएगी। उन्होंने दावा किया कि भाजपा मुकाबले के लिए तैयार है और 2019 में विजय प्राप्त करनी ही है।

'भाजपा मुकाबले को तैयार है'

रामलीला मैदान आयोजित इस अधिवेशन में उन्होंने कहा कि- 'सत्ता और स्वार्थ के गठजोड़ में जितने लोग इकट्ठा होना चाहते हैं, वो एक साथ आ जाएं। भाजपा के कार्यकर्ता मोदी जी के नेतृत्व में 50%(मत प्रतिशत) तक की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं।'

शाह ने कहा कि- देश भर में छोटी-छोटी पार्टियों ने भाजपा का साथ देने का निर्णय लिया है। ये सभी नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के विकास यज्ञ में समिधा डालने के लिए तैयार हैं।

'परिवारवाद कांग्रेस की देन'

अमित शाह ने कांग्रेस पर आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि परिवारवाद, जातिवाद और तुष्टीकरण जैसे तीनों नासूर भारतीय राजनीति में कांग्रेस की देन हैं। किंतु 2014 के बाद से प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हम देश को इन तीनों नासूरों से मुक्त करने की दिशा में आगे बढ़े हैं।

शाह ने कहा कि- भाजपा कार्यकर्ताओं को एक-एक वोटर के साथ मिलकर जनसंपर्क का कार्य करना है। 2019 में अगर हम प्रचंड बहुमत से जीतते हैं, तो 2019 के बाद लंबे समय तक पंचायत से संसद तक हम बने रहेंगे। उत्तरप्रदेश में एसपी और बीएसपी समेत विपक्षी दलों के साथ आने के बारे में उन्होंने कहा कि यह गठबंधन सत्ता और स्वार्थ का गठबंधन है। एक बार तो मुकाबला होना ही था। ऐसे में भाजपा को विजय प्राप्त करनी ही है।

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