Home / Latest Alerts / मकर संक्रांति का आयोजन तो बहाना है, जेडीयू का कहीं ओर ही निशाना है

मकर संक्रांति का आयोजन तो बहाना है, जेडीयू का कहीं ओर ही निशाना है

Last Updated On : 13 Jan 2019

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव की आहट के साथ ही राजनीतिक दलों की तैयारियों को भी जैसे पंख लग गए हैं। पार्टियां एक दूसरे पर तो निशाना साध ही रही हैं साथ ही अपनी पैठ जनता के बीच बैठाने के लिए कोई कोर कसर भी नहीं छोड़ रही हैं। खास तौर पर बिहार की सियासत में इन दिनों जमकर उबाल आया हुआ है। इस उबाल में सबसे ज्यादा असर सत्ताधारी दल जेडीयू को पड़ा है। ऐसे में जेडीयू ने अपनी बिगड़ी साख को सुधारने के लिए इस बार मकर संक्रांति को बहाना बनाया है।


दरअसल लालू प्रसाद यादव के परिवार में कुछ भी ठीक नहीं चलने के कारण इस बार राबड़ी आवास पर मकर संक्रांति का पर्व नहीं मनाया जा रहा है। लालू के जेल में होने बड़े बेटे का तलाक ये कुछ ऐसे बड़े कारण हैं जिसके चलते इस बार आरजेडी प्रमुख के यहां दही-चूढ़ा का आयोजन नहीं होगा। ऐसे में जेडीयू चाहती है कि इस पर्व की परंपरा और राजनीतिक रंग देकर लूट लिया जाए।


यही वजह है कि इस बार जदयू भव्य तरीके से भोज का आयोजन कर रहा है। प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने मकर संक्रांति के दिन पटना स्थित अपने आवास पर एनडीए के घटक दलों के लिए चूड़ा-दही भोज का आयोजन किया है। वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि चूड़ा-दही के भोज पर एनडीए के सभी नेताओं, मंत्रियों और सांसदों को आमंत्रण दिया गया है।


दरअअस यही मौका है जब जदयू एनडीए घटक दलों खास तौर पर भाजपा के साथ अपने संबंधों को सुधारने का काम करेगी। यही नहीं बाकी नाराज लच रहे दलों को भी इस चूड़ा-दही आयोजन के जरिये एक मंच पर साथ लाने की कोशिश भी की जाएगी। जदयू के लिए ये सुनहरा मौका है जब वो त्योहार के बहाने अपने राजनीतिक हितों को आसानी से साध सकेगी।


सिर पर खड़े लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए पार्टी के लिए जरूरी है कि वो चुनाव से पहले अपनी ताकत को बढ़ाए। ऐसे में राबड़ी आवास पर मकर संक्रांति का पर्व न मनाया जाना जदयू के लिए मानो झोली में आए फल की तरह साबित हो रहा है।


ये रही है परंपरा
आपको बता दें बिहार में मकर संक्रांति का भोज सियासी भोज होता है, इस भोज के जरिए ही पार्टियों के बीच गुड़ जैसे रिश्ते की मिठास देखी जाती है। ये भोज मकर संक्रांति के अवसर पर वैसे तो हर पार्टी दफ्तर या राजनेताओं के आवास में दिया जाता है, जहां खास लोगों के साथ ही आम लोग भी शामिल होते हैं।

भव्य आयोजन होता था लालू आवास पर
राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के घर के चूड़ा दही के भोज का आयोजन बड़े पैमाने पर किया जाता रहा है और इस भोज में अपनी पार्टी के साथ ही विरोधी दल के नेताओं और कार्यकर्ताओं को निमंत्रण देकर बुलाया जाता था। लालू खुद लोगों को चूड़ा-दही परोसते थे। लालू का पूरा परिवार इस भोज में सम्मिलित होता था और अतिथियों को पूरे मान-सम्मान के साथ खिलाया जाता था।

नीतीश को नजर से बचाने के लिए लालू का टोटका
आपको बता दें कि लालू प्रसाद यादव हर मकर संक्रांति पर अपने यहां चूड़ा-दही का भव्य आयोजन करते थे। इस दौरान जब आरजेडी-जेडी यू गठबंधन सरकार थी और नीतीश कुमार लालू के घर इस भव्य आयोजन का हिस्सा बने तो लालू ने उन्हें नजर से बचाने के लिए दही का टीका लगाया था। उनके इस टोटके ने जमकर सुर्खियां बंटोरी थीं।

Published From : Patrika.com RSS Feed

comments powered by Disqus

Search Latest News

Top News