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राम मंदिर के लिए पहल करें कौल ब्राह्मण राहुल गांधी, दंगे कराने की तैयारी में कांग्रेस: उमा भारती

Last Updated On : 06 Dec 2018

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने राम मंदिर निर्माण को लेकर कांग्रेस पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस साथ देती है हम कानून के जरिए राम मंदिर का निर्माण करा सकते हैं। उमा ने मुझे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के आने से उम्मीद जगी है कि वे राम मंदिर के लिए हमारा साथ देंगे। उन्होंने कहा राहुल गांधी खुद को शिवभक्त, कश्मीरी कौल ब्राह्मण और कौल दत्तात्रेय गोत्र का बताते हैं। अब मुझे उम्मीद है कि वे अध्यादेश के जरिए मंदिर बनाने के लिए सड़कों पर उतरें और हिंदू-मुस्लमानों से शांति बनाए रखने की अपील करें।

राम मंदिर से पीएम से मिलें राहुल: उमा भारती

बाबरी विध्‍वंस की 26वीं बरसी पर राजधानी दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए उमा भारती ने कहा कि मैं चाहूंगी कि राहुल गांधी इस मुद्दे पर पीएम मोदी से मिलें। वे कहें कि आप राम मंदिर पर अध्यादेश लाइए हम आपके साथ हैं। उन्होंने आगे कहा कि मुझे कांग्रेस पार्टी से इस मुद्दे पर पहल चाहिए। मंदिर का समाधान अब आंदोलन से नहीं बल्कि बातचीत से होगा। अध्यादेश भी यदि लाना है, तो कांग्रेस को हमारा साथ देना होगा। उमा भारती ने साफ किया कि बीजेपी ने राम मंदिर को कभी भी वोट लेने का मुद्दा नहीं माना है। उन्होंने कहा कि राम पर हमारा कोई पेटेंट नहीं है, राम सबके हैं।

दंगे कराने की तैयारी में कांग्रेस: उमा

राहुल गांधी से अपील के साथ ही उमा पर कांग्रेस पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं। उमा ने कहा कि उनका दंगे का इतिहास रहा है है। कांग्रेस इतंजार कर रही है कि कोर्ट का फैसला आए तो दंगे कराए। अध्यादेश की बात करें या एक्ट लाए तो दंगे कराए। कांग्रेस ने जिस तरह 1947 में धर्म के नाम पर भारत का विभाजन करवाया था। वो एकबार फिर भारत में धर्म के नाम पर दंगा और खूनी खेल खेलने के मूड में हैं। उमा ने कहा कि अगर हम राम मंदिर पर कुछ भी पहल करते हैं तो कांग्रेस देश में दंगे करवा देगी।

'राम को चुनाव की हार-जीत की नजर से नहीं देखते'

बता दें कि केंद्रीय जल संधासन, नदी विकास और गंगा सफाई मंत्री उमा भारती ने 2019 लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान कर चुकी हैं। चुनाल नहीं लड़ने का फैसला लेने के दिन उमा ने कहा कि मकर संक्रांति के बाद आगामी 15 जनवरी से डेढ़ साल तक अपने लिए समय आरक्षित रखा है। इस अवधि में वे राम मंदिर और गंगा सफाई अभियान के लिए कार्य करना चाहती हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राम मंदिर पर हमारी आस्था एक स्थापित तथ्य है तथा हम राम मंदिर के नाम से कोई नफा-नुकसान नहीं सोचतीं। हमने अयोध्या आंदोलन के बाद भी वर्ष 1993 का हुआ विधानसभा चुनाव हारने के बाद भी 1998 में चुनावी घोषणापत्र में राम मंदिर निर्माण को रखा था, क्योंकि हम राम को चुनाव की हार-जीत की नजर से नहीं देखते हैं, बल्कि राम हमारे केन्द्र हैं।

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