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शरीर के हिसाब से बनाए डाइट प्लान, जानें ये खास बातें

Last Updated On : 28 Jul 2019

सेहतमंद रहने के लिए सबसे पहली जरूरत है अच्छा खानपान क्योंकि यह शरीर में ईंधन की तरह काम कर हमें ऊर्जा देता है। ऐसे में जरूरी है कि आहार शरीर के मुताबिक ही लिया जाए। शरीर की तासीर के अनुसार भोजन लेने से सेहत दुरुस्त रहने के साथ रोगों की आशंका भी कम हो जाती है। ऐसा ही एक पैमाना है बीएचई यानी बॉडी हीट इंडेक्स। यह जानना जरूरी है कि आपकी बॉडी का टाइप क्या है यानी ये गर्म है या ठंडी तासीर वाला। बीएचआई यानी शरीर में गर्मी के सूचकांक में बदलाव से बेचैनी और चिड़चिड़ापन की दिक्कत होती है।

क्या है बीएचआई-
बीएचआई वातावरण की आर्द्रता से शरीर की तुलना कर शरीर के तापमान की जानकारी देता है। यदि आपके शरीर का तापमान औसत (98.3 डिग्री फॉरेनहाइट) से कम है तो आपका हीट इंडेक्स लो यानी निम्न है और औसत अधिक है तो उच्च है।

ऐसा हो डाइट प्लान -
सबसे जरूरी है कि शरीर की तासीर व मौसम के अनुसार डायट प्लान बनाना चाहिए। इसके लिए ठंडी और गर्म चीजों के बारे में पहले जान लें-

बीएचआई इससे होती प्रभावित -
वैक्सीनेशन, स्टीरॉयड, गर्भावस्था, पीरियड्स, लंबी दूरी की यात्रा करने और तनाव।

पपीता : विटामिन ए, बी और सी युक्त पपीते का रस प्रोटीन को आसानी से पचाता है। गर्म प्रकृति का होने के कारण गर्भवस्था में महिलाओं को इससे परहेज करने की सलाह दी जाती है।
लाल मिर्च : यह शरीर की संचार प्रणाली को दुरुस्त रखने के साथ बॉडी के हर हिस्से में रक्त और पोषक तत्त्व पहुंचाने में मदद करता है। इसे अधिक न लें वरना गैस्ट्रिक प्रॉब्लम हो सकती है।
अंडा : यह गर्म माना जाता है। एक अंडा रोजाना खाना सेहत के लिए फायदेमंद है लेकिन इससे अधिक लेने पर दिक्कत हो सकती है।
नट्स : ये ऊर्जा के अच्छे स्त्रोत हैं। कोलेस्ट्रॉल-फ्री होने के कारण ये सेहतमंद रखते हैं। लेकिन इन्हें खाली पेट न लें वरना गैस्ट्रिक प्रॉब्लम हो सकती है। जो हायपर इंडेक्स को बढ़ाता है।

ठंडे खाद्य पदार्थ-
ककड़ी : यह शरीर को ठंडा रखती है। इसमें फाइबर प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। जो पेट साफ रखने के साथ दिमाग को शांत रखता है।
तरबूज : पोटैशियम से भरपूर तरबूज पित्तकारक, क्षारयुक्त, गर्म, वात व कफ शामक होता है जो बीपी कंट्रोल करता है। गर्मी में यह शरीर में पानी की कमी पूरी कर कई बीमारियों से दूर रखता है। इसका रस लू से बचाता है। चेहरे पर फुंसी हो तो तरबूज लगाने से लाभ मिलता है।
दही : दही एक पूर्ण भोजन है। इसमें सभी तरह के पौष्टिक तत्त्व होते हैं। इसे नियमिततौर पर खाने से पेट से जुड़ी परेशानियों से भी राहत मिलती है।
पालक : इसे रक्तशोधक भी कहते है। आयरन से भरपूर पालक शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ गर्मी में नजला और सीने की जलन दूर करती है।

Published From : Patrika.com RSS Feed

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