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UPI ने जून का तोड़ा रिकॉर्ड, भारत में हुए 150 करोड़ Trasaction

Last Updated On : 02 Aug 2020

नई दिल्ली। यूपीआई ट्रांजेक्शन ( UPI Transaction ) के जो जुलाई के आंकड़े सामने आए हैं उससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि भारत अब कैशलेस नेशन ( Cashless Nation ) की ओर बढ़ चला है। इसका मतलब ये हुआ कि अब देश के लोगों को यूपीआई ( UPI ) या यूं कहें कि डिजिटल ट्रांजेक्शन ( Digital Transaction ) पर विश्वास बढ़ गया है। जिसकी वजह से यूपीआई ट्रांजेक्शन का आंकड़ा 150 करोड़ पहुंच गया है जो कि जून के मुकाबले 16 करोड़ ट्रांजेक्शन ज्यादा है जो कि एक रिकॉर्ड है। आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर नेशनल पेमेंट काॅरपोरेशन ऑफ इंडिया ( National Payments Corporation of India ) की ओर से किस तरह के आंकड़े पेश किए हैं।

जुलाई में रिकॉर्ड यूपीआई ट्रांजेक्शन
नेशनल पेमेंट कमीशन ऑफ इंडिया से जारी जुलाई के आंकड़ों के अनुसार देश जुलाई के महीने में 1.49 बिलियन यूपीआई ट्रांजेक्शन हुए हैं, जोकि एक रिकॉर्ड है। जुलाई ने जून के महीने के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है, जब देश में यूपीआई ट्रांजेक्शन 134 करोड़ रुपए हुआ था। एक अगस्त को जारी हुए डाटा के अनुसार जून के महीने में 2.61 लाख करोड़ रुपए के ट्रांजेक्शन हुए जो जुलाई में 2.90 लाख करोड़ रुपए हो गए हैं।

आईएमपीएस ट्रांजेक्शंस में भी इजाफा
एनपीसीआई, भारतीय रिजर्व बैंक और भारत सरकार द्वारा लगातार डिजिटल भुगतान को अभियान चलाया जा रहा है। जिसका फायदा भी देखने को मिल है। देश में लगातार डिजिटल ट्रांजेक्शन बढ़ रहे हैं।जैसे, पिछले महीने में खुदरा भुगतान चैनलों में ट्रांजेशन की संख्या में इजाफा देखने को मिला है। अगर बात आईएमपीएस की करें तो इसके ट्रांजेक्शंस की संख्या 222 मिलियन तक बढ़ गई, और बात रुपयों करें तो भारत में जुलाई के महीने में 2.25 लाख करोड़ रुपए के आईएमपीएस ट्रांजेक्शंस हुए हैं। जबकि जून के महीने में 199 मिलियन आईएमपीएस ट्रांजेक्शंस हुए थे।

लॉकडाउन में कम हो गया यूपीआई ट्रांजेक्शन
जानकारी के अनुसार यूपीआई ट्रांजेक्शन की संख्या मार्च और अप्रैल के दौरान कोरोनावायरस लॉकडाउन के कारण कम हो गई थी। उस समय गैर-जरूरी वस्तुओं की ऑनलाइन डिलीवरी की अनुमति बंद कर दी गई थी। जिसके कारण ट्रांजेक्शन की संख्या में करीब 25 फीसदी की गिरावट देखने को मिली थी। मार्च के महीने में 125 करोड़ ट्रांजेक्शन देखने को मिले थे। फरवरी के मुकाबले 8 फीसदी की गिरावट देखने को मिली थी। वहीं अप्रैल के महीने में रिकॉर्ड 20 फीसदी की गिरावट देखने को मिली थी। सिर्फ 99 करोड़ ट्रांजेक्शन हुए थे।

Published From : Patrika.com RSS Feed

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