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Weight loss Diet: वजन कम करने के लिए खाएं एंटी ऑक्सीडेंट से भरपूर नेगेटिव कैलोरी फूड

Last Updated On : 21 Apr 2020

Weight loss Diet: कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने भी कुदरती सुपर फूड्स को कैंसर, डायबिटीज व दिल की बीमारियों की रोकथाम में कारगर पाया है। शोधकर्ताओं के अनुसार सुपरफूड्स में एंटी ऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर पॉलीफेनॉल नामक तत्व होता है, जो कैंसर ग्रस्त कोशिकाओं का तेजी से खात्मा करता है। नींबू जैसे खट्टे फल शरीर में बनी अतिरिक्त वसा को जला देते हैं और वजन बढ़ने नहीं देते। चटख रंग के फल और सब्जियों को नेगेटिव कैलोरी फूड ( Negative Calorie Foods ) भी कहा जाता है क्योंकि इनमें मौजूद पानी और फाइबर की मात्रा से शरीर का फैट कम होता है व शरीर स्वस्थ्य रहता है।

एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर
एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर खाद्य पदार्र्थो को 'सुपरफूड्स' कहते हैं क्योंकि इनमें रोग प्रतिरोधकता, याददाश्त और सुंदरता को बढ़ाने का राज छिपा है। विशेषज्ञों के अनुसार के अनुसार, हमारी रोज की डाइट में कुदरती रंगीन खाद्य पदार्थ शामिल होने से शरीर को एंटीऑक्सीडेंट्स अपने आप मिल जाते हैं। इन फलों व सब्जियों में पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो रोगों से बचाव करने के अलावा उम्र बढऩे की प्रक्रिया को धीमा कर देते हैं।

जितना रंगीन उतना ही टेस्टी और हैल्दी
रंगीन फल या सब्जियों में बीटा-कैरोटीन, विटामिन बी समेत विभिन्न पोषक तत्व अधिक मात्रा में पाए जाते हैं। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के विशेषज्ञ आनंद कुमार के अनुसार सभी फलों एवं सब्जियों में पोषक तत्व होते हैं, चाहे वह हरी हो या फिर किसी और चटख रंग की। जो फल जितना रंगीन होगा, वह उतना ही स्वास्थ्यवर्धक भी होगा।

चटख हरा: हरी व पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, मैथी, पुदीना, धनिया, शिमला मिर्च, ककड़ी, फलियां आदि।
चटख लाल: अनार, सेब, तरबूज चुकंदर, टमाटर, आलू बुखारा, लाल शिमला मिर्च आदि।
चटख नारंगी: पपीता, आम, मौसमी, संतरा, गाजर आदि।
चटख नीला/बैंगनी: बैंगन, ब्लूबेरी, स्ट्रॉबेरी और चेरी आदि।
चटख पीला: नींबू, बैर , मक्का आदि ।

ध्यान रखें ये बातें
किसी भी सब्जी या फल को प्रयोग में लाने से पहले उसे अच्छी तरह से धो लें क्योंकि कई बार रसायनों के प्रयोग से भी फलों व सब्जियों को चमकदार व उनका आकार बढ़ाया जाता है। जब भी लौकी, तुरई या कद्दू खरीदें तो इन्हें कटवाकर देख लें अगर इसमें बीज दिखाई ना दें तो समझ लें कि ऑक्सीटॉक्सिन कैमिकल का प्रयोग हुआ है। पपीते को 3-4 घंटे पानी में रखने के बाद साफ कपड़े से पौंछकर खाएं या फ्रिज में रखेंं।

Published From : Patrika.com RSS Feed

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